पुतिन-शी जिनपिंग ने कहा– “दुनिया संभालेंगे साथ मिलकर”

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

दुनिया की दो बड़ी ताक़तों – चीन और रूस – के नेताओं के बीच एक बार फिर गर्मजोशी से भरी मुलाकात हुई।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यह द्विपक्षीय बैठक बुधवार को होने वाली चीन की सबसे बड़ी सैन्य परेड से ठीक पहले हुई है।

“अब हम सिर्फ़ दोस्त नहीं, रणनीतिक साझेदार हैं” – पुतिन

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इस मुलाकात को “अभूतपूर्व स्तर का संबंध” बताया।
उन्होंने कहा:

“हमारी क़रीबी बातचीत रूस-चीन के बीच रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है। प्रिय मित्र, हम पहले भी साथ थे, अब भी साथ हैं।”

पुतिन का यह बयान साफ संकेत देता है कि रूस-चीन गठबंधन अब सिर्फ़ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति को भी दिशा देने की स्थिति में पहुंच चुका है।

“नया ग्लोबल सिस्टम चाहिए” – शी जिनपिंग का बड़ा बयान

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी कोई कूटनीतिक शब्दजाल नहीं अपनाया।
उन्होंने खुलकर कहा:

“चीन-रूस संबंध अंतरराष्ट्रीय बदलावों की कसौटी पर खरे उतरे हैं।”
“हम मिलकर एक अधिक न्यायपूर्ण और उचित वैश्विक शासन प्रणाली बनाना चाहते हैं।”

यह बयान वेस्टर्न डॉमिनेशन पर सीधा सवाल है, और ग्लोबल साउथ के बढ़ते आत्मविश्वास की झलक।

सबसे बड़ी परेड, सबसे बड़ा इरादा? – बुधवार को दिखेगा सैन्य दम

शी जिनपिंग बुधवार को चीन की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य परेड की मेजबानी करेंगे। यह आयोजन दूसरे विश्व युद्ध के अंत में जापान के चीन में आत्मसमर्पण की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रहा है।

संकेत स्पष्ट हैं:
यह सिर्फ़ इतिहास को याद करना नहीं है, बल्कि भविष्य में ‘कौन ताक़तवर है’ इसका प्रदर्शन भी है।

पुतिन-शी की कैमिस्ट्री: पश्चिम को सख़्त संदेश?

इस मुलाक़ात को वैश्विक विश्लेषक यूक्रेन युद्ध, ताइवान मुद्दे, और नाटो विस्तार की पृष्ठभूमि में देख रहे हैं।

  • रूस चाहता है कि चीन उसके साथ खड़ा रहे, खासकर आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर

  • चीन चाहता है कि वह अमेरिका के एकाधिकार को तोड़ने में रूस जैसे ‘tested partner’ के साथ चले।

ग्लोबल पावर बैलेंस शिफ्ट में चीन-रूस फ्रंटफुट पर

यह बैठक सिर्फ़ “कूटनीतिक फोटो-ऑप” नहीं थी। यह एक साफ संदेश था – “दुनिया का नया नक्शा हम मिलकर बनाएंगे।”

अमेरिका और यूरोप को भी अब ये मानना पड़ेगा कि ‘विश्व व्यवस्था में अब केवल एक ध्रुव नहीं रहा’ – दूसरा ध्रुव बीजिंग और मास्को से उठ रहा है।

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